पीआर में शिष्टाचार

एक बहुत ही अच्छी लाइन है “अनुशासन ही देश को महान बनाता है|”  वैसे तो कहने के लिए यह लाइन बहुत आसान है, लेकिन इस पंक्ति को समझना और इसकाअनुसरण करना वास्तवमें  एक महान कार्य है| किसी भी इंसान की जिंदगी में अच्छा शिष्टाचार और बुरा शिष्टाचार बहुत बड़ा फर्क डालता है | शिष्टाचार कहीं भी, किसीभी क्षेत्र में बहुत मायने रखता है |

शिष्टाचार हमारे जीवन का एक अनिवार्य अंग है | विनम्रता और  सहजता प्रत्येक व्यक्ति को पसंद आता  है | जो व्यक्ति शिष्टाचार से पेश आते है, उनके पास बड़ी बड़ीडिग्रियां न होने पर भी वे अपने क्षेत्र में एक अलग पहचान बना लेते है | प्रत्येक व्यक्ति सामने वाले व्यक्ति से शिष्टाचार और विनम्रता की अपेक्षा करता है | शिष्टाचार कोअपने जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानने वाला व्यक्ति अक्सर बुरी चीजो से मुक्त रहता है जैसे : अहंकार, ईष्र्या, लोभ, क्रोध आदि | शिष्टाचार के मार्ग पर चलने वालाव्यक्ति हमेशा स्वच्छ, निर्मल और दुर्गुणों से परे होता है|

मेरे विचार से व्यक्ति  अगर खुद को अच्छा बनाना शुरू कर दे तो,  देश  को महान बनने में देर नहीं लगेगी | कुछ ऐसी ही छोटीछोटी बातें पीआर इंडस्ट्री (PR) में बहुत मायनेरखती है,  उनमें से एक है ‘ शिष्टाचार ’ लोग कमाने के लिए बहुत कुछ कमाते है | 

लेकिन यह एक ऐसी चीज है, जिसे अच्छे माहौल, अच्छे लोगों की संगत से,साकारात्मक सोच से, बड़े छोटों के सम्मान से सीखा जाता है | अच्छे शिष्टाचार के माध्यम से जब कोई इंसान किसी व्यक्ति  का दिल जीतता है तब उस व्यक्ति  कीमहानता और भी बढ़ जाती है | इसे सीखना भी एक कला है |

लोगो से अच्छे से बात करना, अच्छे से व्यवहार करना, बड़े छोटों का ख्याल रखना, उन्हें सम्मान देना ,यही तो शिष्टाचार है| ये सब तो बचपन से ही परिवार और समाज के साथ स्कूल में सबको सीखने को मिलता है |आगे भी वह निरंतर सीखता रहता है और इसको अपने जीवन में अपनाता भी  है | पीआर (Public Relations) के  क्षेत्र  में लोंगोंसे ज्यादा मिलना जुलना होता है| बातचीत, बैठक के दौरान, इंसान की हर एक लाइन सामने वाले व्यक्ति पर बहुत ही सीधा प्रभाव डालती है |  इसलिए शिष्टाचार की जरुरत हमारे व्यक्तिगत जीवन के साथ ही सामाजिक जीवन के लिए भी उतना ही जरुरी है |

                  लेखक सदाम हुसेन - PR Professionals    

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